सोमवार, 26 सितंबर 2011

A new story about an old crow

पुराने कौवे की नई कहानी  

वो कहानी तो तुम्हें मालूम ही है की एक बार एक कौवे को प्यास लगी.
पानी की तलाशा में वह इधर उधर उड़ रहा था. गर्मी के दिन थे. एक भी तालाब या नदी में पानी नहीं था. 
सरकारी नल भी सूखा पड़ा था. अब करे तो क्या करे? बड़ी मुश्किल से उसे एक घड़ा नज़र आया, जिसमे बस थोड़ा सा पानी था. कौआ सोचने लगा, सोचने लगा और उसे एक उपाय सूझा.
वह कही से बहुत सारे कंकर लाया और एक एक करके उन्हें घड़े में  डालने लगा . पानी ऊपर आ गया तो कौए ने पानी  पिया और उड़ गया.
मगर आज कल तो घड़े होते ही नहीं हैं ना, तो हमारा कौआ क्या करेगा?
जब कॉए  ने देखा की छत पर एक जग रखा  है जिसमें थोड़ा पानी है तो वह सोचने लगा, सोचने लगा और जानते हो उसने क्या किया?
बिल्कुल ठीक . वह होटल के किचन से एक स्ट्रा चुरा लाया, उसे जग में डाला और स्ट्रा से पानी पीकर उड़ गया.
था न वो कौआ अकलमंद ?
 
  kaheen